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बजाज, टीवीएस और ओकिनावा को चुनौती देने, जल्द आ रहे हैं यामाहा और हुस्कवर्ना के इलेक्ट्रिक स्कूटर; भारत में ही होगी इनकी मैन्युफैक्चरिंग https://ift.tt/323gNcS

ग्राहकों का रुझान अब तेजी से जीरो एमिशन व्हीकल्स की तरफ बढ़ रहा है। ऐसे में वाहन निर्माता कंपनी भी इलेक्ट्रिक वाहन बनाने पर जोर दे रही हैं। भारतीय बाजार में इलेक्ट्रिक कार के सीमित ऑप्शन उपलब्ध हैं लेकिन ई-बाइक और स्कूटर में ढेरों विकल्प मौजूद हैं और अब दो और कंपनी इस सेगमेंट में एंट्री करने की तैयारी में हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों कंपनियां हुस्कवर्ना और यामाहा अपने इलेक्ट्रिक स्कूटर पर तेजी से काम कर रही हैं और आने वाले सालों में इन्हें भारतीय सड़कों पर दौड़ते हुए देखा जा सकेगा। चलिए बात करते हैं इन अपकमिंग स्कूटर्स के बारे में...

हुस्कवर्ना E-01 इलेक्ट्रिक स्कूटर: बजाज चेतक इलेक्ट्रिक पर बेस्ड होगा

हुस्कवर्ना ई-स्कूटर का कॉन्सेप्ट डिजाइन
  • हुस्कवर्ना की इलेक्ट्रिक बाइक E-Pilen की तरह कंपनी अपनी E-01 इलेक्ट्रिक स्कूटर को भी बजाज के पुणे स्थित प्लांट में बनाएगी। 2022 तक इसका प्रोडक्शन शुरू होने की उम्मीद है। केटीएम और हुस्कवर्ना की पैरेंट कंपनी ने अपनी अपकमिंग ई-स्कूटर के बारे में कुछ जानकारियां दी हैं।
  • रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस अगले साल तक पेश किया जा सकता है। इलेक्ट्रिक चेतक के प्लेटफार्म और मोटर समेत कई चीजों को हुस्कवर्ना की E-Pilen के साथ शेयर किया जाएगा, यानी इसमें भी 4kW और 10kW मोटर देखने को मिल सकती है।
  • फिलहाल केटीएम और हुस्कवर्ना की पैरेंट कंपनी Pierer Mobility ने इसके कॉन्सेप्ट डिजाइन शेयर किया है, उम्मीद है इसका प्रोडक्शन मॉडल कुछ ऐसा ही होगा। E-01 भी इसका फाइनल नाम नहीं है, इसे किसी और नाम से भी लॉन्च किया जा सकता है।

यामाहा ईवी: अगले दो साल में इलेक्ट्रिक वाहन उतारने की योजना

प्रतीकात्मक फोटो
यामाहा ई-स्कूटर का कॉन्सेप्ट डिजाइन
  • हाल ही में इंटरनेट पर सामने आई एक रिपोर्ट के अनुसार, यामाहा अगले दो वर्षों में जीरो एमिशन टू-व्हीलर में एंट्री करने की तैयारी कर रही है। जापानी निर्माता के पास वर्तमान में तमिलनाडु, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में प्रोडक्शन प्लांट हैं। फिलहाल कंपनी इलेक्ट्रिक सेगमेंट में एंट्री करने के लिए स्टडी कर रही है, कंपनी का फैसला चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और सरकार की पॉलिसी पर भी निर्भर करेगा।
  • यामाहा मोटर इंडिया के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट रविंदर सिंह ने भी एक समय सीमा दी है। उन्होंने कहा कि यामाहा बाजार की जरूरतों और इलेक्ट्रिक वाहनों पर केंद्र सरकार के रोडमैप को समझने की कोशिश कर रही है। उनका ब्रांड ईवीएस को "अगले कुछ वर्षों में" पेश कर सकता है। उन्होंने आगे कहा कि लंबी अवधि के लिए जीरो एमिशन प्रोडक्ट्स में काफी संभावनाएं हैं।
  • इसमें कोई दो राय नहीं है कि इसे समय वाहन निर्माता भविष्य के बारे में सोच रहे हैं और उसके हिसाब से रणनीति तैयार कर रहे हैं, जिसमें इलेक्ट्रिक मोबिलिटी सॉल्यूशन भी शामिल हैं। ऐसे में आने वाले वर्षों में बाजार में टिके रहने के लिए कई स्थापित ब्रांड्स ईवी स्टार्टअप में निवेश कर रहे हैं।

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यामाहा मोटर इंडिया के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट रविंदर सिंह ने कहा कि यामाहा बाजार की जरूरतों और इलेक्ट्रिक वाहनों पर केंद्र सरकार के रोडमैप को समझने की कोशिश कर रहा है।


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